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इस पावरबैंक से तो पूरे घर को बिजली मिल जाएगी, वो भी 12 सालों तक, कीमत उड़ा देगी होश

Tues 18 Oct 2017, 12:25 PM

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यह बात सुनने में कितनी अजीब लगती है कि कोई पावरबैंक कैसे इतना पावरफुल हो सकता है कि उससे घर के बिजली पंखे सब कुछ चल सकें। 300 घंटे तक लगातार बिजली सप्‍लाई देने वाला ये अनोखे पावरपैक 12 सालों तक आपको बिजली की सप्‍लाई देता रहेगा। यानि कि 12 सालों तक आपको बिजली के बिल से आजादी मिल जाएगी।
दिल्‍ली के एक इवेंट में हाल ही में एक ऐसा ही पावरबैंक देखने को मिला, जिसका रिजल्‍ट चौंकाने वाला है। भारत में पैदा हुए समाज सेवी और उद्योगति मनोज भार्गव ने दिल्‍ली के इस इवेंट में लोगों को एक डॉक्‍यूमेंटरी फिल्‍म दिखाई। बिलियन्स इन चेंज 2 नाम की इस शॉर्ट फिल्‍म में कुछ ऐसे प्रोडक्‍ट और सॉल्‍यूशन दिखाए गए हैं, जिनके इस्‍तेमाल से आम लोगों की रोजमर्रा की तमाम जरूरतें आसानी से पूरी हो सकती हैं। इसी इवेंट के दौरान पोर्टेबल सोलर डिवाइस हंस 300 पावरपैक और हंस सोलर उपकरण के लॉंच की घोषणा की गई। मनोज भार्गव की कंपनी द्वारा बनाए गए ये प्रोडक्‍ट सच में एक सोलर पावर स्‍टेशन हैं। जो सोलर ऊर्जा से भारी मात्रा में बिजली बनाकर उसे लंबे समय के लिए स्‍टोर कर सकते हैं। जिससे तमाम लोगों को या कहें कि किस के घर में बिजली की सभी जरूरतों को बहुत कम खर्चे में काफी समय तक पूरा किया जा सकता है।

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हंस 300 पावरपैक की अद्भुत क्षमता

 यह छोटा सा सोलर पावर बैंक इतनी ज्‍यादा बिजली बनाता और स्‍टोर करता है, जिससे घर की लाइटें, पंखे, टीवी वगैरह कई घरेलू उपकरण मजे से चलाए जा सकते हैं। आपको बता दें कि यह शक्‍तिशाली पावरपैक किसी आम सोलर बैटरी सिस्‍टम से बहुत ज्‍यादा पावरफुल है। यह उपकरण 130 घंटे और 300 घंटे के पावर बैकअप वाले दो मॉडल्‍स में पेश किया गया है। जिनकी कीमत क्रमश: 10 हजार और 14 हजार है। यही नहीं इस उपकरण पर पूरे 12 साल की वारंटी है। कहने का मतलब यह है कि एक बार घर पर लगाने के बाद आपको 2 सालों तक बिजली के बिल से आजादी मिल सकती है।

अगले साल मई से खरीद सकेंगे लोग

बिलियन्स इन चेंज 2 कंपनी की अपने दो पावरबैंक ‘हंस पावरपैक और हंस सोलर ब्रिफकेस’ को अगले साल मई में मार्केट लॉन्‍च की योजना है। मनोज भार्गव बताते हैं कि इस हाईटेक 21वीं सदी में भी दुनिया भर के लाखों करोंड़ो लोग गावों में बिना बिजली के ही रहने को मजबूर हैं। उनके ये सोलर उपकरण शहरों से ज्‍यादा गांवों के लिए वरदान हैं



फ्रॉड: ऑनलाइन फोन ऑर्डर कर कहता था खाली है डिब्बा, कंपनी से लिया 166 बार रिफंड

11 Oct 2017 02:29 AM

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New Delhi (BNEWS*) – दिल्ली के एक युवक को ई- कॉमर्स कंपनी को 52 लाख रुपये का चूना लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 21 वर्षीय युवक पर आरोप है कि वह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से फोन ऑर्डर करता था और बाद में शिकायत करता था कि जब ऑर्डर आया तो डिब्बे में कुछ नहीं था।

शिवम चोपड़ा नामक युवक पर आरोप है कि उसने ऐसा 225 बार किया। वह 166 बार कंपनी से रिफंड लेने में कामयाब भी रहा। होटल मैनेजमेंट से ग्रेजुएशन करने वाला शिवम चोपड़ा नॉर्थ दिल्ली के त्रिनगर में रहता है। पुलिस ने उसे पिछले हफ्ते एक ऑनलाइन कंपनी की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया है।
इस मामले में डीसीपी (नॉर्थ-वेस्ट) मिलिंद डुंबरे ने कहा कि चोपड़ा ने इस तरह की कॉल करने के लिए तकरीबन 141 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही 50 इमेल आईडी भी बनाई। उसने ई कॉमर्स ऐप पर कई अकाउंट भी बना रखे थे।
उन्होंने आगे बताया कि हर चोपड़ा हर बार गलत एड्रेस देता था। जब डिलिवरी बॉय मोबाइल लेकर आता तो वह उसे फोन कर रास्ता समझा देता। प्रोडक्ट लेने के बाद वह उसे कैश पेमेंट भी करता था।
कंपनी से फोन कर कहता था कि खाली है डिब्बा

डिलिवरी करने के बाद शिवम फौरन ई कॉर्मस कंपनी में फोन करता था और बताता था कि जो मोबाइल का डिब्बा उसे मिला है, वह पूरी तरह से खाली है। कंपनी उसे कुछ दिनों में रिफंड कर देती थी। पुलिस का कहना है कि वह दो तरीके से फायदे में रहता था। पहले रिफंड लेता और दूसरा फोन बेचकर पैसे कमा लेता।



यहां पांडवों ने किया था विश्राम, आज भी मौजूद है अर्जुन की कुर्सी

Tues, 10 Oct 2017 12:21 AM

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New Delhi (BNEWS*): टिहरी जिले में पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है। कई रमणीक और प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण कुछ पर्यटन स्थलों की तो लोगों को जानकारी ही नहीं है। इन्हीं पर्यटक स्थलों में एक है सहस्रताल पर्यटक स्थल के बीच का एक स्थान अर्जुन की कुर्सी के नाम से जाना जाता है।

अर्जुन की कुर्सी जहां आकर्षण का केंद्र हैं, वहीं विभिन्न प्रकार के पुष्प भी मन को बहुत लुभाते हैं। आस-पास स्थित बर्फीली पहाडिय़ों का नजारा भी देखते बनता है। सड़क से खासा दूर होने के कारण यहां तक पहुंचने में काफी समय लगता है।

प्रकृति का यदि वास्तविक आनंद उठाना है तो अर्जुन की कुर्सी से बेहतर जगह कोई नहीं है। जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल सहस्रताल से यह स्थान करीब आठ किलोमीटर पहले पड़ता है। सहस्रताल से तो सभी पर्यटक वाकिफ हैं, लेकिन अर्जुन की कुर्सी के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है।

चारों ओर फैले रंग-बिरंगे फूल पर्यटकों को खासा आकर्षित करते हैं। यह स्थान सहस्रताल का मुख्य पड़ाव है। इसलिए पर्यटक कुछ समय के लिए यहां पर रुक कर प्रकृति का आनंद उठाते हैं। इस स्थान पर एक बड़ी पत्थर की शिला है, जो कुर्सी जैसी है। यह कुर्सी अर्जुन की कुर्सी के नाम से जानी जाती है। क्षेत्र के लोग कुर्सी की पूजा-अर्चना कर यहां पर पुष्प भी चढ़ाते हैं।

बताते हैं कि पांडव जब स्वर्गारोहण के लिए निकले तो सबसे पहले वह बूढ़ाकेदार में रुके, जहां भगवान शिव ने उन्हें वृद्ध के रूप में दर्शन किए। जिस कारण इस स्थान का नाम बूढ़ाकेदार पड़ा। इसके बाद कुछ दूर जाकर एक स्थान पर पांडवों ने विश्राम किया। अर्जुन एक पत्थर की शिला पर बैठे और इसी शिला को लोग अर्जुन की कुर्सी के नाम से जानते हैं और उसकी पूजा करते हैं।

हिमालयन ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग के अध्यक्ष शिव सिंह नेगी के मुताबिक पर्यटक स्थलों की जानकारी और रुटों को दर्शाने वाले बोर्ड विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने चाहिए, ताकि पर्यटकों को दिक्कत न हो। साथ ही पैदल मार्ग भी सही होने चाहिए।



 प्लास्टिक बोरियों में सैनिकों के शव रखे जाने से आक्रोश, सेना ने दी सफाई

Mon, 09 Oct 2017 01:29 PM

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New Delhi (Bnews*) अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सात वायुसेना कर्मियों के शवों को प्लास्टिक की बोरियों रखकर फिर उन्हें गत्तों में बांधकर लाए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद से लोगों में आक्रोश है।

इस मामले में सेना ने एक बयान जारी कहा है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लाने ले जाने में काफी दिक्कत होती है क्योंकि हेलीकॉप्टर पूरा लोड नहीं ले जा पाते। सैनिकों के शवों को बॉडी बैग या ताबूतों की बजाय उपलब्ध स्थानीय संसाधनों में लपेटा गया था। यह असामान्य है। हालांकि, गुवाहाटी बेस हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के तुरंत बाद उनके शवों को पूरे सैनिक सम्मान के साथ लकड़ी के ताबूतों में रखा गया था। इसके बाद उनके संबंधित परिजनों को भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इन सैनिकों के शवों की ये तस्वीरें उस वक्त खींची गई थीं जब उन्हें गुवाहाटी लाया गया था।

दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एचएस पनाग ने इन तस्वीरों को ट्विटर पर साझा किया था। साथ ही उन्होंने लिखा था कि सैनिकों को ऐसे घर लाया गया। इसके बाद ट्विटर पर लोगों ने इस पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। बता दें कि शुक्रवार को तवांग में एमआइ-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें दो पायलट और पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई थी।

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