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J&K एनकाउंटर:बांदीपोर में सेना ने 2 आतंकियों को मार गिराया, IAF के 2 गरुड़ कमांडो शहीद, 

11 Oct 2017 1:50 AM

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जम्मू कश्मीर के बांदीपोर में बुधवार तड़के सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। ताजा जानकारी मिलने तक सुरक्षाबलों ने बांदीपोर के हाजिन में दो आतंकियों को मार गिराया, इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद हो गए और चार जवान घायल हैं। सेना को बांदीपोर में 2-3 आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी।

एक आतंकी स्थानीय, एक पाक नागरिक  
फिलहाल एनकाउंटर खत्म हो गया है लेकिन सर्च ऑपरेशन जारी है। शहीद जवान इंडियन एयरफोर्स की कमांडो फोर्स गरुड़ से जुड़े थे और स्पेशल ट्रेनिंग के लिए सेना के साथ अटैच्ड थे।  जो जवान शहीद हुए हैं उनमें से एक झारखंड, सुल्तानगंज के रहने वाले कारपोरल निलेश कुमार नयन और एक सार्जेंट कि मिलिंद किशोर थे। मिलिंद किशोर महराष्ट्र के रहने वाले थे।

लश्कर से जुड़े थे आतंकी
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आतंकी पाकिस्तान स्थित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने जानकारी दी है कि जो आतंकी मारे गए हैं उनमें से एक आतंकी की पहचान स्थानीय नागरिक के तौर पर हुई है। जबकि एक आतंकी पाकिस्तान का रहने वाला था और इसक नाम अली था। अली, हाजिन में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में अहम था। आपको बता दें कि 24 घंटे पहले ही  बारामूला के लाडूरा में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमांडर उमर खालिद को मार गिराया था। उमर के बाद शोपियां में हुए एक और एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकी मारे गए थे।

 



प्लास्टिक बोरियों में सैनिकों के शव रखे जाने से आक्रोश, सेना ने दी सफाई

Mon, 09 Oct 2017 01:21 PM


NEW DELHI (BNEWS*) – अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सात वायुसेना कर्मियों के शवों को प्लास्टिक की बोरियों रखकर फिर उन्हें गत्तों में बांधकर लाए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद से लोगों में आक्रोश है।

इस मामले में सेना ने एक बयान जारी कहा है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लाने ले जाने में काफी दिक्कत होती है क्योंकि हेलीकॉप्टर पूरा लोड नहीं ले जा पाते। सैनिकों के शवों को बॉडी बैग या ताबूतों की बजाय उपलब्ध स्थानीय संसाधनों में लपेटा गया था। यह असामान्य है। हालांकि, गुवाहाटी बेस हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के तुरंत बाद उनके शवों को पूरे सैनिक सम्मान के साथ लकड़ी के ताबूतों में रखा गया था। इसके बाद उनके संबंधित परिजनों को भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इन सैनिकों के शवों की ये तस्वीरें उस वक्त खींची गई थीं जब उन्हें गुवाहाटी लाया गया था।

दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एचएस पनाग ने इन तस्वीरों को ट्विटर पर साझा किया था। साथ ही उन्होंने लिखा था कि सैनिकों को ऐसे घर लाया गया। इसके बाद ट्विटर पर लोगों ने इस पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। बता दें कि शुक्रवार को तवांग में एमआइ-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें दो पायलट और पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई थी।


LIVE: वडनगर में मोदी, जन्मभूमि का अभिनंदन कर कुलदेवता के मंदिर में टेका माथा

Sun, 08 Oct 2017 10:56 AM (IST)


वडनगर (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने जन्‍मस्‍थान गुजरात के वडनगर के गुंजा गांव में विमान से उतरे। वहां से वे अपने जन्‍मस्‍थान वडनगर के लिए रवाना हुए जहां कुलदेवी के हटकेश्‍वर मंदिर में पूजा अर्चना की। इससे पहले वे अपने स्‍कूल गए थे जहां की मिट्टी से अपने माथे पर टीका लगाया और सोमा भाई से मिले। बता दें कि इससे पहले उन्‍होंने 6 किमी लंबा रोड शो किया। जिसमें उमड़ी भीड़ ने मोदी-मोदी का जमकर नारा लगाया।

प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृहनगर वडनगर पहुंचे नरेंद्र मोदी ने बीएन हाईस्कूल भी पहुंचे। उन्होंने गाड़ी से उतरकर सबसे पहले अपने स्कूल की माटी को छूकर नमन किया। पीएम मोदी ने स्कूल की मिट्टी से अपने माथे पर तिलक भी लगाया। स्कूल के सामने भारी भीड़ जुटी हुई थी। वडनगर स्थित बीएन हाईस्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1963 से 1967 तक पढ़ाई की। इस स्कूल के प्रिसिंपल ने एसेंबली में रोज की तरह बच्चों की लाइनें लगवाईं और उन्हें एक मंत्र दिया- “अभ्यास-ए-मुख्य कार्यक्रम छे.” (आज का मुख्य कार्यक्रम पढ़ाई ही है)।

बडनगर में मोदी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा वे रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग को वडनगर के लोगों को समर्पित करेंगे


भारत के समुद्री जहाज पर डाकूओं का हमला, तभी पहुंच गया INS त्रिशूल
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाज एमवी जग अमर पर चोरी के प्रयास को विफल कर दिया। अदन की खाड़ी में लुटेरों ने मिलकर भारतीय जहाज पर हमला बोल दिया, लेकिन भारतीय नौसेना ने इस कोशिश को नाकाम करते हुए एमवी जग अमर को बचा लिया। भारतीय नौसेना के कमांडो ने कड़ी कार्रवाई करते हुए, लुटेरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

जब समुद्री लुटेरों ने भारतीय जहाज एमवी जग अमर पर धावा बोला, तभी वहां पर नौसेना का INS त्रिशूल स्टील्थ फ्रिगेट पहुंच गया और उनके कोशिशों को नाकाम कर दिया। यह मर्चेंट जलपोत भारत में पंजीकृत मालवाहक है।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा के अनुसार, लुटेरों ने दोपहर करीब 12.30 बजे एमवी जग अमर पर हमला बोल दिया। इस कोशिश को खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे हुए भारतीय नौसेना के कमांडो ने 12 लुटेरों के साथ एक एके 47 और 27 राउंड मैगजीन बरामद की है। भारतीय नौसेना ने उन लुटेरों से और भी कई खतरनाक समान जब्त किए हैं। छोटी सी नाव में सवार होकर आए लुटेरों से भारतीय नौसेना के कमांडो ने एंटी-पायरसी सेप में ग्रैपनल्स, रस्सियां, ईंधन ड्रम और सीढ़ी भी बरामद की है।

भारतीय नौसेना का एमवी जग अमर 82 हजार टन का मालवाहक जलपोत है। इस घटना के बाद समुद्री लुटेरों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय मालवाहक एमवी जग अमर सऊदी अरब की तरफ जा रहा था। इस जहाज पर सवार सभी 26 भारतीय दल सुरक्षित हैं


आतंकवाद पर भारत को मिला 28 देशों के साथ, पाकिस्तान की बढ़ सकती हैं मुश्किलें


NEW DELHI(BNEWS) – आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान को करार जवाब दिया है। अपने आपको पाक साफ बताने वाला पाकिस्तान अब चारों तरफ से घिरते हुए दिख रहा है। भारत ने यूरोपिय देशों के संगठन यूरोपियन यूनियन(ईयू) ने अपनी सामरिक साझेदारी को और भी मजबूत कर लिया है। साथ ही चीन को साउथ चाइना सी और पाकिस्तान को आतंक के मुद्दे पर घेरा है।

शुकवार को भारत और ईयू की शिखर की बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत हुई। भारत ने ईयू के साथ अपने सामरिक साझेदारी और गहरा करने का फैसला किया। ईयू में अमेरिका के घटते ग्लोबल फुटप्रिंट और चीन के दबदबा बढ़ाने की कोशिशों के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

बयान जारी करते हुए ईयू ने साउथ चीन में चीन की मनमानियों के बीच कहा कि हमारी सामरिक साझेदारी देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती है। भारत के साथ ईयू ने भी समुद्र में बिना रोक-टोक आवाजाही का समर्थन किया।

आतंकवाद पर जारी किए गए बयान में भारत और ईयू ने कहा है कि आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट करने की जरूरत है। साथ ही दोनों देशों ने हाल ही में हुई आतंकवादी घटनाओं की निंदा की।


केंद्र सरकार ने छोटे और मझौले कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए GST के नियमों में बदलाव किए है।


NEW DELHI (BNEWS) – केंद्र सरकार ने छोटे और मझौले कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए GST के नियमों में बदलाव किए हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार शाम को कहा कि GST काउंसिल की समीक्षा बैठक में हमने पाया कि छोटे और मझौले कारोबारियों को मुश्किल हो रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने कुछ बदलाव किए हैं. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि जीएसटी की समीक्षा के लिए पैनल बनाया जाएगा. GST काउंसिल बैठक की मुख्य बातें नीचे पढ़ें. – जीएसटी लागू हुए तीन महीने हुए हैं, जिसमें पहले दो महीने रिर्टन फाइल करने वालों की संख्या बढ़ी. – कलेक्शन का पैटर्न दो महीने में पता नहीं चल पाएगा, क्योंकि ये ट्रांजेशन का फेज है. – बैठक में छोटे और मझौले उद्योगों और कारोबारियों को आ रही परेशानियों पर चर्चा हुई है. – 10 अक्टूबर से जुलाई महीने का और 18 अक्टूबर से अगस्त महीने का एक्सपोर्टर को रिफंड चेक दे दिए जाएंगे. यह तात्कालिक व्यवस्था है. – स्थाई व्यवस्था के रूप में हर एक्सपोर्टर का एक ही ई वॉलेट बनेगा. ई वॉलेट की व्यवस्था एक अप्रैल 2018 से शुरू होगी. इसी में रिफंड का पैसा आएगा. इन निर्यातकों की बड़ी रकम फंसी हुई है. – छोटे और मझौले कारोबारियों पर टैक्स मामले में कार्रवाई नहीं होगा. – सरकार ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाया. नए नियम के मुताबिक सालाना एक करोड़ का टर्नओवर करने वाले कारोबारियों को हर महीने के बजाय तीन महीने पर भी रिटर्न फाइल कर सकेंगे. – GST का बड़ा हिस्सा बड़े कारोबारियों के यहां से आता है. – छोटे और मझौले कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आसान की जाएगी. – कंपोजिशन स्कीम के तहत एक करोड़ टर्न ओवर वाले कारोबारियों को ट्रेडर्स का एक फीसदी और निर्यातकों को 2 फीसदी टैक्स देना होगा. इसके अलावा रेस्टोरेंट मालिकों को 5 फीसदी टैक्स देना होगा. पहले यह सीमा 75 लाख रुपए थी. – 1.5 करोड़ तक के कारोबार में अब 3 महीने में फाइल करना होना रिटर्न, पहले हर महीने करनी होता था. – ऐसी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां जिनका टर्न ओवर 20 लाख से कम है उन्हें छूट दे दी गई है. -31 मार्च 2018 तक रिवर्स चार्ज प्रणाली को टाल दिया गया है. – पैक्ड फूड सस्ता हुआ, GST 18 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया. – डीजल ईंजन और पंप के पार्ट्स सस्ते होंगे. – जरी के काम पर GST 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया. – स्टेशनरी का सामान सस्ता होगा. 28 फीसदी से 18 प्रतिशत GST किया गया. – बिना ब्रांड वाली नमकीनों पर GST 12 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया. वित्त मंत्री ने खासकर खाखरा का नाम लेकर कहा कि यह स्स्ता होगा. – बिना ब्रांड की आयुर्वेदिक दवाइयां सस्ती होंगी, 12 फीसदी से 5 फीसदी GST किया गया. – बच्चों के खाने के सामान पर पर GST 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.


सर्जिकल स्ट्राइक की सालगिरह पर रक्षामंत्री आज से कश्मीर दौरे पर, आर्मी चीफ भी साथ


राज्य ब्यूरो, श्रीनगर, नई दिल्ली, आइएएनएस। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचेंगी। रक्षामंत्री बनने के बाद यह उनका पहला कश्मीर दौरा है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का एक साल पूरा होने के मौके पर हो रहा है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी पहुंच रहे हैं। श्रीनगर पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री बादामी बाग स्थित चिनार कोर मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। वह कुछ अग्रिम इलाकों का दौरा करने के साथ दक्षिण कश्मीर के विक्टर फोर्स मुख्यालय भी जा सकती हैं, लेकिन यह कार्यक्रम अभी तय नहीं है। सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन भी जाएंगी। वह सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का एक साल पूरा होने के मौके पर आयोजित किए जाने वाले एक विशेष समारोह में हिस्सा लेकर जवानों का मनोबल भी बढ़ाएंगी। दिल्ली में लाइव देखी जा रही थी सर्जिकल स्ट्राइक नई दिल्ली, आइएएनएस। पिछले साल 28-29 सितंबर की रात में पाकिस्तान में घुसकर आतंकी शिविरों को तबाह करने वाली सर्जिकल स्ट्राइक के इंचार्ज रहे ले. जनरल (रि.) डीएस हुड्डा ने कहा है कि सारे ऑपरेशन को दिल्ली व ऊधमपुर में लाइव देखा जा रहा था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि दिल्ली में कौन इस पर नजर रख रहा था, लेकिन लाइव फोटो व वीडियो दिल्ली जा रहे थे। गौरतलब है कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिकी कार्रवाई को इसी तर्ज पर वाशिंगटन में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा, विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन व शीर्ष अधिकारी लाइव देख रहे थे। पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा को मार गिराया गया था। भारतीय सेना की तरफ से पाकिस्तान में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी सेना के रिटायर्ड ले. जनरल डीएस हुड्डा ने एक चैनल पर बयान की है। भारतीय सेना ने पिछले साल यह सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिसमें टेररिस्ट लांच पैड को निशाना बनाया गया था। उस समय वह उत्तरी कमान के प्रमुख थे। हुड्डा ने बताया कि 18 सितंबर को उड़ी में 18 जवान शहीद हो गए थे। इससे हमें काफी धक्का लगा था। हमें काफी नुकसान हुआ था। सेना और सरकार की तरफ से यह फैसला ले लिया गया कि इसका जवाब देना जरूरी है। वह खुद ऊधमपुर के सैन्य मुख्यालय में बैठकर सारी कार्रवाई को लाइव देख रहे थे। उनका कहना है कि हमारे टारगेट भी टेररिस्ट लांच पैड थे। हमारी टीमों ने पीर पंजाल और कश्मीर रीजन में मल्टीपल टारगेट को ध्वस्त किया। उन्होंने बताया कि वापस आने के लिए अलग रूट का इस्तेमाल किया गया। एक टीम में 30 से 35 लोग थे। एक टीम को एक टारगेट दिया गया था। बगैर खरोंच लगे हमारे सभी जवान सर्जिकल स्ट्राइक के बाद वापस लौट आए। यह बड़ी बात है।सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग और उसकी जानकारी कितने लोगों को थी इसके बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे हेडक्वार्टर उधमपुर में पूरी प्लानिंग हुई। दिल्ली में डायरेक्टोरेटऑफ मिलिट्री ऑपरेशन को इसकी जानकारी थी। जम्मू-कश्मीर स्थित आर्मी के 15 और 16 कोर को ये खबर दी गई थी। सूरज निकलने के बाद टीमें लौटीं पहली स्ट्राइक और अंतिम स्ट्राइक के बीच चार घंटे का वक्त था। हमें सबसे ज्यादा फिक्र अंतिम स्ट्राइक करने वाली टीम को लेकर थी। यह टीम अंतिम स्ट्राइक के लिए काफी अंदर तक गई थी। सुबह सूरज निकलने के बाद यह टीम लौटी। उस दौरान एलओसी पर हमारी तरफ से कवर फायरिंग भी हुई थी। रूट काफी अच्छे तरीके से सेलेक्ट किया गया था। जब तक वहां पहुंचकर हमने हमला नहीं किया तब तक पाकिस्तान की सेना को इस बात की भनक नहीं थी। लांच पैड के नजदीक पाकिस्तानी सेना के शिविर थे जहां से फायरिंग हुई थी। हमने अपने कैजुअल्टी को लेकर भी प्लानिंग की थी या फिर अगर कोई टीम वहां फंस जाती है तो उसे किस तरह से बाहर निकालना है। यह पूरी प्लानिंग हमने पहले से कर रखी थी। हमारे लिए जरूरी था कि हमारा हरेक जवान वापस आए। एक आदमी भी छूटना नहीं चाहिए।


यशवंत सिन्हा को जेटली का करारा जवाब, बोले-80 के उम्र में चाहते हैं नौकरी


जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को मुद्दा बनाकर सरकार की आलोचना में एक हुए कांग्रेस के पी. चिदंबरम और भाजपा के यशवंत सिन्हा को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आईना दिखा दिया है। चिदंबरम और सिन्हा की एक दूसरे के प्रति राय को सामने रख दिया जिसमें दोनों नेता एक-दूसरे को बतौर वित्तमंत्री अयोग्य और भारत के लिए लगभग काला अध्याय करार दे चुके थे। जेटली ने करारा जवाब देते हुए कहा कि एक होकर भी दोनों नेता इस सच्चाई को नहीं झुठला सकते कि वर्तमान सरकार में अर्थव्यवस्था की गति तो बढ़ी ही है। निचले तबके तक लाभ पहुंचाने की दिशा भी साफ हुई है। इच्छाशक्ति का सवाल हो या कालेधन पर प्रहार कर देश को आगे बढ़ाने की मंशा, सरकार में साफ तौर पर दिखी है जो पहले नहीं थी। उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा नीतियों के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां अधिक कर रहे हैं। गौरतलब है कि कई कारणों से नाराज और हाशिए पर खड़े यशवंत सिन्हा पिछले दो दिनों से सरकार की आर्थिक नीति और खासतौर से वित्तमंत्री जेटली पर हमलावर हैं। जाहिर तौर पर इसने कांग्रेस को बल दिया और लगे हाथों संप्रग सरकार में वित्तमंत्री रहे चिदंबरम, राहुल गांधी व अन्य ने भी सुर में सुर मिला दिया। गुरुवार को जेटली ने ईंट का जवाब पत्थर से दिया। ‘इंडिया एट 70, मोदी एट 3.5’ नाम की एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उन्होंने बिंदुवार जवाब दिया और बताया कि सरकार का ध्यान पहले से ही इस बात पर था कि लाभ नीचे तक पहुंचे। सरकार को यह फैसला लेना था कि केवल अर्थव्यवस्था की तेजी पर ध्यान दिया जाए या नीचे तक उसे पहुंचाने पर। जेटली ने कहा कि इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता कि सरकार फैसले ले रही है। बिना हिचक नोटबंदी का भी फैसला हुआ और उसे किसी भी स्तर पर गलत नहीं ठहराया जा सकता है। मंदी का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ टैक्स देने वालों की संख्या भी बढ़ी है। जेटली ने कई आर्थिक मापदंडों पर पिछली सरकार के साथ तुलना भी की और वैश्विक हालात में भारत की स्थिति को मजबूत भी बताया। सामान्यतया व्यक्तिगत हमले से बचने वाले जेटली ने गुरुवार को यशवंत और चिदंबरम को आमने सामने खड़ा कर दिया। तंज कसते हुए जेटली ने कहा कि वह पूर्व वित्तमंत्री नहीं हुए कि अपनी अवधारणा बदल दें। एक दूसरे के खिलाफ दिए गए बयानों को उद्धृत करते हुए जेटली ने कहा कि दोनों एक दूसरे के वित्त मंत्रित्व काल पर तीखी टिप्पणी कर चुके हैं। चिदंबरम ने एक वक्त सिन्हा के लिए कहा था-‘वित्तमंत्री के रूप में 2000-03 का सिन्हा का काल घातक था और इसीलिए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उन्हें हटाना पड़ा था।’ सिन्हा ने भी चिदंबरम के बारे में कुछ ऐसी ही राय रखी थी। उन्होंने कहा था-‘मेरी योग्यता हासिल करने के लिए चिदंबरम को दोबारा जन्म लेना पड़ेगा। भारत को चिंताजनक फिस्कल डेफिसिट से उबारने में वह असमर्थ हैं।’ पुस्तक मोदी सरकार के साढ़े तीन साल पर लिखी गई है। ऐसे में जेटली ने यशवंत पर तंज भी किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक का नाम होना चाहिए था- इंडिया एट 70, मोदी एट 3.5 एंड जॉब एप्लिकेंट एट 80। ध्यान रहे कि यशवंत 80 साल के हो चुके हैं और माना जाता है कि उनकी नाराजगी का कारण यही है कि मोदी सरकार में उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।


पांच सौ आतंकी घुसपैठ की फिराक में, फिर सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत


राजौरी, ब्यूरो [ गगन कोहली ]। सीमा पार अभी भी 500 से अधिक आतंकी भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने के लिए तैयार हैं। ये आतंकी पुंछ सेक्टर, साब्जियां, कृष्णा घाटी सेक्टर, केरी सेक्टर, बालाकोट, शाहपुर, बीजी सेक्टर, लाम आदि सेक्टरों के पार मौजूद हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 15 नए आतंकी प्रशिक्षण शिविर पीओके में शुरू हुए हैं, जिनमें अधिकतर लश्कर व हिज्बुल के आतंकी हैं। इन शिविरों में इस समय चार हजार के करीब युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। पीओके के दुल्ली, मश्कर, कोटली, समानी, मश्क, सीनसा, निकेयाल, बरनाला आदि क्षेत्रों में ये कैंप चल रहे हैं। एक साल पहले हुअा था सर्जिकल स्ट्राइक ठीक एक वर्ष पहले जब देशवासी सुबह जागे तो उन्हें पता चला कि (28 सितंबर की रात) भारतीय सेना के जांबाज कमांडों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है, तो सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। भारतीय जांबाज सात आतंकी कैंपों को तबाह कर और करीब 40 आतंकियों को ढेर करने के बाद सकुशल लौट आए थे। आए दिन सीमा पर गोलाबारी सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ समय बाद तक पाकिस्तान ने आतंकी कैंपों से दहशतगर्दो को हटा लिया, लेकिन अब फिर इन कैंपों में आतंकी मौजूद हैं। पाकिस्तानी सेना आए दिन सीमा पर गोलाबारी कर आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने का प्रयास कर रही है। पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए एक वषर्ष बाद फिर सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत महसूस की जा रही है। इसका संकेत थल सेना अध्यक्ष बिपिन रावत भी कई बार अपने बयान में दे चुके हैं। पाक सेना की पोस्टों में भी ठहरे हैं आतंकी पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई व आतंकी संगठनों के आका फिर से आतंकियों को सीमा के करीब ले आए हैं। इन आतंकियों को घुसपैठ के लिए पाक सेना की पोस्टों व बैरकों में रखा जा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक सेना ने बौखलाहट में विशेष एसएसजी (स्पेशल सर्विस ग्रुप) कमांडो को सीमा पर तैनात कर दिया

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