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आखिर कौन है ये लड़की जिस पर ‘किम’ को है इतना भरोसा, जानें कुछ दिलचस्‍प पहलू

Mon, 09 Oct 2017 11:33 PM 

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New Delhi (BNEWS*)। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी बहन किम यो जोंग को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। न्‍यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक किम जोंग उन ने शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक की थी जिसके बाद उन्‍होंने अपनी छोटी बहन किम यो जोंग को पार्टी के पोलित ब्यूरो का वैकल्पिक सदस्य बनाया। यहां पर यह बता देना जरूरी होगा कि इसी पोलित ब्यूरो के ज़रिए किम जोंग उन अपने बड़े फैसले लेते हैं। यहां पर यह भी खास है कि किम ने अपने दो भाईयों को दरकिनार करते हुए अपनी छोटी बहन को इतनी तवज्‍जो दी है।

कई मौकों पर भाई के साथ दिखाई दी हैं ‘किम’

किम यो जोंग पहले भी कई मौकों पर अपने भाई के साथ दिखाई दी हैं। यहां तक की वह उनके साथ कई बार फील्‍ड दौरों पर भी गई हैं। वह पार्टी के प्रचार प्रसार से भी प्रमुखता से जुड़ी रही हैं। गौरतलब है कि किम के पिता की पांच बीवियां थी, जिनसे सात संतानें भी थीं। किम यो जोंग और किम जोंग उन दोनों ही एक माता-पिता की संतान हैं। इसके अलावा इनका एक और भाई है जिसका नाम किम जोंग चोल है। यो-जोंग का जन्म 26 सितंबर 1987 को हुआ था। उन्हें किम जोंग उन का करीबी माना जाता है। उन्‍होंने 1996 से लेकर 2000 तक बर्न, स्विट्जरलैंड में पढ़ाई की। यहां पर भी उनके चारों तरफ सिक्‍योरिटी का घेरा हुआ करता था।

बढ़ जाएगी यो जोंग की ताकत

पार्टी में पोलित ब्यूरो की सदस्य बनने के बाद यो जोंग की जिम्मेदारियां और कद दोनों बढ़ जाएगा। हाल ही में दी गई अहम जिम्‍मेदारी से पहले यो जोंग वर्ष 2014 से पार्टी के प्रचार विभाग में प्रमुख भूमिका निभाती रही हैं। इसके अलावा वह किम जोंग उन के राजनीतिक सलाहकार के तौर पर भी काम करती हैं। वह किम की सिक्‍योरिटी के साथ-साथ उनकी यात्राओं और इस दौरान होने वाले सभी कार्यक्रमों और इस दौरान उपयोग में लाई जाने वाली सभी चीजों पर पैनी निगाह रखती हैं। वर्ष 2012 में जब किम के पिता की मौत हुई थी तब वह वह पहली बार जनता के सामने आई थीं। इसके बाद वे साल 2014 में अपने भाई के सत्ता संभालने के मौके पर भी दिखाई दीं।



लैब में होगी किंम जोंग नाम हत्याकांड की सुनवाई

Mon, 09 Oct 2017 01:45 AM

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कुआलालंपुर, (BNEWS*): उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के सौतेले भाई की हत्या मामले की सुनवाई सोमवार को अस्थायी रूप से रासायनिक लैब में होगी। इस मामले में बीते एक सप्ताह से ट्रायल चल रहा है। लैब में उस वीएक्स रसायन का परीक्षण किया जाएगा जिसके इस्तेमाल से जोंग के भाई किम जोंग नाम को मारा गया था। इस केस में दो महिलाएं आरोपी हैं।

सोमवार को जज लगभग एक घंटे के लिए लैब में बैठेंगे। रसायन की जांच के लिए जज के साथ दोनों पक्ष के वकील, आरोपी महिलाएं और विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। आरोपी महिलाओं के कपड़े पर वीएक्स रसायन मिला था। रासायनिक विशेषज्ञ राजा सुब्रमण्यम ने अदालत में माना था कि कपड़ों पर मिला वीएक्स रसायन अब भी सक्रिय हो सकता है।

मलेशिया में आपराधिक मामलों में इस तरह की सुनवाई सामान्य है। जज घटनास्थल पर जाते रहे हैं। ज्ञात हो कि इसी साल फरवरी महीने में कुआलालंपुर हवाईअड्डे पर किम जोंग नाम की हत्या कर दी गई थी। उस समय किम फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। तभी उनके सामने दो महिलाएं आई और कुछ ही मिनटों में ही उनकी मौत हो गई। इन महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने नाम के चेहरे पर कथित रूप से वीएक्स जहर उड़ेल दिया था।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


प्रतिबंध के जवाब में अमेरिकी अड्डों पर हमले की चेतावनी

Mon, 08 Oct 2017 01:40 AM

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बेरूत, (BNEWS*) – ईरान ने अपने खास सुरक्षा बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प को अमेरिका द्वारा आतंकी संगठन ठहराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। साथ ही धमकी दी है कि अमेरिका ने उसके खिलाफ अगर और प्रतिबंध लगाए तो इलाके में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने खतरे में पड़ जाएंगे।

ईरान के ताजा मिसाइल टेस्ट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंधों का एलान किया है। ट्रंप ने ईरान पर आतंकवाद के समर्थन और साइबर हमले के लिए नई रणनीति बनाने का आरोप लगाया है। ईरान का ताजा रुख ट्रंप के बयान के बाद सामने आया है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मुहम्मद अली जाफरी ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर प्रतिबंध के नए प्रस्ताव लागू करता है तो उसे अपने सैन्य ठिकाने दो हजार किलोमीटर से दूर ले जाने होंगे। क्योंकि दो हजार किलोमीटर की सीमा तक हमला करने में ईरानी मिसाइलें सक्षम हैं। जाफरी ने कहा, अमेरिका के नए प्रतिबंध ईरान से उसकी बातचीत के सभी रास्ते बंद कर देंगे।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने की सूचना अगर सही है तो ईरान भी अमेरिकी सेना को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) जैसा दर्जा देने में नहीं हिचकेगा। उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा जैसा कि आइएस के साथ किया जा रहा है। ऐसे में खासतौर पर मध्य-पूर्वी देश में अमेरिकी सेना की मुश्किल बढ़ जाएगी।

उल्लेखनीय है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर ईरान के बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह खास शस्त्रों से लैस प्रशिक्षित बल है जिसे आतंकवाद से लड़ने में महारत हासिल है। इसी के चलते ईरान में आइएस का विस्तार नहीं हो सका। शिया बहुल ईरान में सात जून को आइएस ने हमले की कोशिश की थी। हमले में 18 लोग मारे गए थे। हमलावरों को मारने के बाद ईरान ने 18 जून को सीरिया में आइएस के ठिकानों पर मिसाइलें बरसाकर जवाब दिया था।

कहा जाता है कि यह संगठन यह बल में भी ईरान विरोधियों पर कार्रवाई करता है। इसी के चलते अमेरिका ने इसे आतंकी संगठनों की सूची में डाला है।


सऊदी अरब के शाही महल पर हमले की कोशिश, दो गा‌र्ड्स की मौत

Mon, 09 Oct 2017 01:35 AM

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रियाद, (BNEWS) सऊदी अरब के जेद्दा स्थित शाही महल के प्रवेश द्वार पर एक बंदूकधारी के हमले में महल के दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। तीन अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। महल के मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को मार गिराया।

सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार हमलावर की पहचान 28 साल के सऊदी नागरिक के रूप में की गई है। उसके पास से एक एके-47 राइफल और तीन ग्रेनेड बरामद हुए। वह हुंडई कार से आया और अल-सलाम महल की पश्चिमी जांच चौकी पर तैनात रॉयल गा‌र्ड्स पर गोलीबारी करने लगा। उसके कायराना हमले में दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

इससे पहले बीते गुरुवार को सऊदी पुलिस ने राजधानी रियाद में आइएस से जुड़े आतंकियों के तीन ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान एक ठिकाने पर हुई मुठभेड़ में दो संदिग्ध मारे गए थे और पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

इस घटना के बाद सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे शहर में कहीं भी जाने में सावधानी बरतें। उल्लेखनीय है कि सुन्नी बहुल इस देश में 2014 से हुए कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने ली है। सऊदी अरब आइएस के खिलाफ सीरिया और इराक में चल रहे अमेरिका नीत गठबंधन के सैन्य अभियान का हिस्सा है।

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