ये 8th फेल लड़का 21 की उम्र में ऐसे करोड़ों का मालिक बना, 75 हजार से शुरू किया था बिजनेस

ये 8th फेल लड़का 21 की उम्र में ऐसे करोड़ों का मालिक बना, 75 हजार से शुरू किया था बिजनेस।

LUDHIANA【BIHTA NEWS24×7】: शहर के रहने वाले त्रिशनीत अरोड़ा एक ऐसे यंग CEO हैं जिन्होंने कंप्यूटर की पढ़ाई किए बिना ही इथिकल हैकिंग में अपना नाम फोर्ब्स लिस्ट में एशिया 30 अंडर 30 में दर्ज कराया है। दरअसल त्रिशनीश ने 21 की उम्र में ही अपनी कंपनी खोल ली थी इस कारण से उनका नाम यंग CEO में गिना जाता है। बता दें कि वे जब वे 8th क्लास में फेल हो गए थे तब उन्हें डांट पड़ी थी लेकिन माता-पिता के पूछने पर उन्होंने कारण बताया कि वे नहीं पढ़ना चाहते तो उन्होंने पढ़ाई छोड़ने की परमिशन दी और आज उनकी कंपनी टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी करोड़ों कमा रही है। त्रिशनीश के मुताबिक उन्होंने अपने शौक को बिजनेस का रूप दिया जिस कारण वो आज यहां तक पहुंचे हैं। 75 हजार से शुरू किया था ये बिजनेस…

त्रिशनीत की उम्र मात्र 24 साल है, वे लुधियाना की मिडिल क्लास फैमिली से बिलांग करते हैं, जिनकी बचपन से ही पढ़ाई में कम और कंप्यूटर में ज्यादा दिलचस्पी थी।

वे दिनभर कंप्यूटर में हैकिंग का काम सीखते थे, जिस कारण वे पढ़ाई से दूर रहे और 8th क्लास में फेल हो गए।

8th के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन आगे चल कर उन्होंने 12th के एग्जाम दिए।

वे एक इथिकल हैकर है जिसमें नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है।
इनकी निगरानी सर्टिफाइड हैकर्स करते हैं, जिससे कि किसी नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी कॉन्फिडेन्शियल ही रहे।

जिस समय त्रिशनीत अपना काम शुरू करना चाहते थे तो पापा ने उन्हें 75 हजार ₹ दिए थे। वे कहते हुए कि ये पैसा तो डूबना ही है।

वे दुनिया भर में काम कर रहे हैं। 24 की उम्र में ही वे अपने काम के तरीके और आंत्रप्रिन्योरशिप की बदौलत इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

पैरेंट्स को उनका काम पसंद नहीं था

कम्प्यूटिंग पढ़ने में इतना मग्न हो गए थे कि पढ़ाई ही नहीं की। दो पेपर नहीं दिए और फेल हो गया।

फेल होने के बाद उन्होंने रेग्युलर पढ़ाई छोड़ दी और आगे 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने कॉरेस्पॉन्डेंस से की।

इसके साथ-साथ वे कम्प्यूटर और हैकिंग के बारे में लगातार नई जानकारियां भी इकट्‌ठा करते रहे।

उनकी हाउस वाइफ मां और अकाउंटेंट पिता इस काम को पसंद नहीं करते थे लेकिन कम्प्यूटर में अपने शौक को ही करियर बनाने का फैसला कर चुके थे।

शुरुआत में उनकी बातें सुन कर लोग मुस्कुरा देते थे, मीडिया भी गंभीरता से नहीं लेता लेकिन फिर वह अपने काम के जरिए साबित करते कि कैसे विभिन्न कंपनियों का डाटा चुराया जा रहा है और इन दिनों हैकिंग के क्या तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे उनके काम को सराहना मिलने लगी और कई कंपनियां उनसे काम लेने लगीं।

CBI से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज भी है इनकी क्लाइंट

दो साल पहले जब उनकी उम्र 21 वर्ष थी, उन्होंने टीएसी सिक्युरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी बनाई।

त्रिशनित अब रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियाें को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं।

वे ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्टफोन्स’ जैसी किताबें लिख चुके हैं।

दुबई और यूके में कंपनी का वर्चुअल ऑफिस है। करीब 40% क्लाइंट्स इन्हीं ऑफिसेस से डील करते हैं।

दुनियाभर में 50 फॉर्च्यून और 500 कंपनियां क्लाइंट हैं।

सेल्फ स्टडी और पिता के साथ एक्स्पेरिमेंटिंग से तैयार हुए, यूट्यूब के वीडियो से भी हेल्प मिली।

इन्होंने नॉर्थ इंडिया की पहली साइबर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम सेटअप किया।

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